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Who we are

Paryavaran Sanrakshan is an all India group dedicated to improving the environment. A few thousand people are part of its organizational structure. The aim of the group is to make changes to the environment through activities and through awareness creation.

Contact us : +84.123.456

पर्यावरण संरक्षण, गो संवर्द्धन, सामाजिक समरसता व धर्म जागरण के कामों में तेजी लानी होगी। लोग जानना चाहते हैं कि आपने कितने तालाब खुदवाये, पौधे कितने लगाए, आपके कामों से धर्म परिवर्तन कितना रुका। इसलिए आपको अपने काम और काम के परिणाम समाज को दिखाने-बताने होंगे। गतिविधि प्रमुखों को कार्य करने के दौरान स्वयं के प्रचार से बचना चाहिए, हमेशा इस बात पर गौरव और संतोष करें कि आप राष्ट्र निर्माण और मानवता की सेवा में लगे हैं।
डॉ. मोहन भागवत
प. पु. सरसंघचालक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
आज विश्व के समक्ष पर्यावरण प्रदूषण विकट समस्या के रूप में उपस्थित है। संघ पर्यावरण संरक्षण हेतु देशभर में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से कार्य करेगा। इसमें जलसंवर्धन, वृक्षारोपण और प्लास्टिक , थर्मोकोल मुक्त पर्यावरण के प्रयास में समाज को साथ लेकर कार्य करेगा। वैसे तो संघ के स्वयंसेवक अपने स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में शामिल हैं और समाज में जागृति भी आ रही है। लेकिन अब संघ संगठित व योजनाबद्ध रूप से कार्य करेगा।
मा. भैयाजी जोशी
सरकार्यवाह , राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, १० मार्च २०१९
Our work
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We work around  Agroforestry, Rural- Timber, Food, Vatika, Mini- Forest, and Plantation.

Water conservation includes all the policies, strategies, and activities to sustainably manage the natural resource of fresh water, to protect the hydrosphere, and to meet the current and future human demand. 

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Using “Harit Grah”, we define a process that how can we protect our environment from our home. The suggestion of keeping the ‘Hari Grah’ house in such a way that we can make environment-friendly house only by environmental activities for environmental protection.

“पर्यावरण प्रहरी” can be anybody who is willing to contribute his time for the environment and provide awareness about the environment. 

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ऊर्जा एवं पर्यावरण

‘हरित गृह’ हरा भरा घर

‘हरित गृह ‘ घर को कुछ ऐसे ढंग से रखने का सुझाव जिससे हम पर्यावरण संरक्षण हेतु पर्यावरण गतिविधियों द्वारा ही पर्यावरण अनुकुल घर बना सकें।घर में पक्षियों के लिए खाने- पीने की व्यवस्था, घर में बगीचे की अनिवार्यता, घर का कचरा घर में, जल संरक्षण और ऊर्जा संरक्षण जैसी चीजें शामिल की गई । ऐसे छोटे- छोटे हमारे प्रयासों से हम कुछ हद तक पर्यावरण संरक्षण कर सकते है। इसमे कुछ लोगो एवं उनके सुझावों द्वारा घरों को हरित गृह में परिवर्तित करके पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया है।

अपशिष्ट प्रबंधन और ऊर्जा संरक्षण

औद्योगिकीकरण के इस दौर में हर देश विकास की अंधी दौड़ में पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने में अपना योगदान दे रहा है। इस सूची में शामिल होने वाले देशों में विकसित देशों का प्रतिशत विकासशील देशों की अपेक्षा कई अधिक हैं। निरंतर बढ़ती जनसंख्या के कारण मनुष्य द्वारा उपयोग में लाई जाने वाली कई प्रकार की वस्तुएं इस्तेमाल करने पर इधर उधर कही भी ऐसे ही फेंक दी जाती है। जो इस्तेमाल होने या खराब होने के बाद कचरा रूप में परिभाषित होती हैं।

गृहवाटिका

सदियों से यह मान्यता हैं कि पेड़- पौधे लगाना अर्थात अपना जीवन स्वयं बचाना। प्राचीन समय में जब ज्यादा शहर नहीं बसे थे, तो लोग अपने लिए अपने घर में ही खेती किया करते थे और अपने परिवार की जरूरत के अनुसार सारी सब्जी और फल घर में ही उगा लेते थे । लेकिन समय के बीतने और महानगरों के बनने के साथ यह कार्य सीमित होता गया, लेकिन बढ़ते प्रदूषण और बीमारियों के चलते लोगो ने घर में ही गृहवाटिका लगाना शुरु कर दिया।

पानी की दक्षता

जल: आज, कल और परसों

जल क्या है, क्या हम जो पीते हैं जिससे हम सफाई करते हैं क्या बस वही जल है। नहीं, जल है तो दुनिया है, नहीं तो कुछ भी नहीं। सोचो अगर जल ना होता तो शायद दुनिया में अनाज भी ना होता, इंसान भी ना होता, और यह जीव जंतु भी ना होते। यह तो सब जानते हैं पृथ्वी पर 71% जल है। परंतु यह दिन-ब-दिन घट रहा है ।

संकट में जल

बदलते समय और बढ़ती जनसंख्या में संसाधनों की बढ़ती माँग के साथ प्राकृतिक संसाधनों पर भी खतरा बढ़ता जा रहा हैं

जल संरक्षण

पर्यावरण के प्रति हम मनुष्य की कुछ जिम्मदरियाँ है। आज हर मनुष्य अपनी व्यस्त दिनचर्या में इतना डूब गया है कि पर्यावरण से जुड़ी अपनी जिम्मेदारियों को पीछे छोड़ चला है। इन्हीं में शामिल एक जिम्मदारी हमारी जल संरक्षण से जुड़ी है। “जल” से तो यूँ हम रोज लगभग सारे काम करते है