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Chamoli disaster , a human induced disaster

A glacier burst in chamoli district of Uttarakhand on Sunday caused flash flood killing several people. This glacier burst is a result of increased level of global warming that occurred due to climate change. The glacier burst occured in Reni village of chamoli in Gharwal Himalayas of Uttarakhand. It caused flash floods in Rishiganga river ,which killed 100 to 150 People.

The rising water in Rishiganga river washed away a major portion of the Rishiganga small hydro project.
Stone quarrying, blasting of mountains and digging of tunnels in the base of the mountain system for two dams on Rishi Ganga and Dhauli Ganga rivers played havoc with the local ecology.

By Kumari Swati

 

Beekeeping is the future farmer’s should opt for

Government of india launched “Honey mission” under “sweet revolution” this will help doubling farmers income by 2024 said agricultural minister Narendra singh Tomar.

as a matter of fact one third of the food we consume each day relies on the pollination done by bees, they aren’t the ones threatening us by their stings they’re either saving .
Government has kept aside 500 crore budget for the beekeeping industry sighting its exceptional benefits, Bees not only provide us honey from their nectar but help in pollinating other crops too such as cotton and flax.
It’s something which needs least investment and will result in higher returns,
Government is also planning to train farmers for this particular sector which could be practiced along with their existing farm practices. Many countries have revolutionised this practice leading by China.

By Subhi Vishwakarma

लगभग 20 फीट की ऊंचाई से भी अधिक वाले पेड़ बदलेंगे अपना स्थान; राज्य में पहला प्रयास

विकास के नाम पर आमतौर पर ये देखा गया कि पेड़ काट कर विनाश को आमंत्रण दिया जाता है परंतु अजमेर एक नई मिसाल स्थापित करने वाला है जब पेड़ों  को एक स्थान से दूसरे स्थान पर लगाकर उनका जीवन बचाया जाएगा। इस अभियान के तहत शनिवार को प्रोजेक्ट अशोका वाटिका रेस्क्यू टीम ,जिनमे MCC इंडोर स्टेडियम, अजमेर स्मार्ट सिटी लिमिटेड, ग्रीन आर्मी और मरुधरा संस्थान व जेलट्रेनिंग संस्थान की टीम शामिल है

इनके द्वारा यहां इनडोर स्टेडियम में लगे 15 से 20 फीट ऊंचे पेड़ों को यहां से उठाकर लगभग 7 किलोमीटर दूर सड़क पर यातायात बाध्यता को हटाते हुए  l ग्रीन कॉरिडोर बना कर त्वरित प्रत्यारोपण किया गया। ग्रीन आर्मी के कुलदीप सिंह गहलोत ने शुक्रवार को पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया  कि बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत इंडोर स्टेडियम में ऐसे पेड़ कटने की कगार पर आ गए, जिनकी आयु लगभग 20 से 25 वर्ष की थी। इन पेड़ों को यथास्थिति दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए स्मार्ट सिटी की बैठक में इंडोर स्टेडियम कमेटी के धनराज चौधरी ने विदेशी तर्ज़ पर पेड़ों को शिफ़्ट करने की अनुशंसा की व स्मार्ट सिटी के मुख्य अभियंता अविनाश शर्मा ने सहमति दी। इसके बाद ग्रीन आर्मी व मरुधरा संस्थान के सदस्यों से चर्चा की गई व प्रोजेक्ट अशोक वाटिका रेस्क्यू टीम बना कर इस लक्ष्य को छूने के प्रयास शुरू किये गये।

इंडोर स्टेडियम के डॉ अतुल दुबे ने बताया कि शनिवार, 13 फरवरी को प्रात: 6.30 बजे से  यह अभियान शुरू हो गया जिसके पहले चरण में 6 पेड़ो को यहां से ले जया गया। अगर यह अभियान सफल होता है तो शेष 24 पेड़ों को भी जल्द ही अशोक वाटिका में स्थानांतरित किया जाएगा। एक 6.7 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर मार्ग तैयार किया गया है, जिसमें विशेष सुरक्षा इंतजाम के साथ इन पेड़ों को वहां पर पहुंचाया जाएगा।